Hare Krishna Mahamantra has all potency as Sri Krishna Himself

Srila-Bhakti-Bibudha-Bodhayan-Goswami-Maharaj-Quote-20-September-2020
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This beautiful human form is a blessing of Supreme Lord Sri Krishna as only humans can attain the knowledge of the Lord. We should not exhaust this life by engaging in violence, blasphemy, material recognition, name and fame, but should try to stabilize love amongst all living beings knowing that we all are parts and parcel of the Supreme Lord. The objective of human life is self-realization and the re-establishment of our lost relationship with the Supreme Lord Sri Krishna through chanting of the Hare Krishna Mahamantra without offences under the shelter of a bona fide Spiritual Master.

Srila Bhakti Bibudha Bodhayan Goswami Maharaj
20-September-2020

Srila-Bhakti-Bibudha-Bodhayan-Goswami-Maharaj-Quote-20-September-2020-Hindi
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यह सुन्दर मानव जीवन हमें भगवान् श्रीकृष्ण की कृपा से प्राप्त हुआ है क्यूंकि केवल मनुष्य शरीर में ही हम भगवान् के बारे में ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं| हमें हिंसा, दूसरों की निन्दा, भौतिक सम्मान, नाम और प्रसिद्धि में उलझकर अपने मानव जीवन को नष्ट नहीं करना चाहिए बल्कि यह समझना चाहिए कि सभी जीव भगवान् का ही अंश हैं और यह समझते हुए हमें सभी के बीच प्रेम स्थापित करना चाहिए| मानव जीवन का उद्देश्य, आत्मबोध करना और एक प्रमाणिक गुरु का आश्रय लेकर, अपराधमुक्त होकर, हरे कृष्ण महामंत्र का जप करते हुए, भगवान् श्री कृष्ण के साथ अपने भूले हुए सम्बन्ध को पुनः स्थापित करना है|

श्रील भक्ति विबुध बोधायन गोस्वामी महाराज
20-September-2020

Srila-Bhakti-Bibudha-Bodhayan-Goswami-Maharaj-Quote-19-September-2020
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In this Iron Age (Kali-yuga) there is no need for intense penances or performance of grand sacrifices, whoever listens to the Hare Krishna Mahamantra from the lips of a pure devotee and chants this divine Mahamantra with undeviating faith and attention, giving up falsehood and pride will obtain the ultimate goal of spiritual practice.

Srila Bhakti Bibudha Bodhayan Goswami Maharaj
19-September-2020

Srila-Bhakti-Bibudha-Bodhayan-Goswami-Maharaj-Quote-19-September-2020-Hindi
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इस कलयुग में किसी गहन तपस्या या फिर किसी भव्य यज्ञ के अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं है| यदि कोई व्यक्ति किसी शुद्ध भक्त के श्री मुख से हरे कृष्ण महामंत्र को सुनता है और सभी प्रकार के अधर्म और अभिमान को त्यागकर पूरी निष्ठा के साथ ध्यानपूर्वक इस दिव्य महामंत्र को जपता है तो वह अपने अध्यात्मिक जीवन के सर्वोच्च लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा|

श्रील भक्ति विबुध बोधायन गोस्वामी महाराज
19-September-2020

Srila-Bhakti-Bibudha-Bodhayan-Goswami-Maharaj-Quote-18-September-2020
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If a chandal (a low caste born) engages in devotional service and chants the holy name of the Supreme Lord Sri Krishna, he should be honoured, and if a high-class Brahmin indulges in all sort of vices, he should be avoided. As soon as one begins to chant the divine Hare Krishna Mahamantra, his sinful reactions fade away and eventually he attains the highest perfection of this human life.

Srila Bhakti Bibudha Bodhayan Goswami Maharaj
18-September-2020

Srila-Bhakti-Bibudha-Bodhayan-Goswami-Maharaj-Quote-18-September-2020-Hindi
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यदि कोई चांडाल (निम्न जाती में जन्मा व्यक्ति) भक्ति के मार्ग पर चलता है और भगवान् श्रीकृष्ण के पवित्र नाम का जप करता है तो हमें उसे पूरा आदर सम्मान देना चाहिए और दूसरी तरफ अगर कोई उच्च जाती का ब्राह्मण सभी तरह के भोगों में लिप्त रहता है तो हमें उससे दूर रहना चाहिए| जैसे ही कोई व्यक्ति हरे कृष्ण महामंत्र का जप करना आरम्भ करता है उसके सारे पाप कर्मों के प्रभाव मिटने लगते हैं और अंततः वह अपने मनुष्य जीवन की सर्वोच्य स्थिति को प्राप्त कर लेता है|

श्रील भक्ति विबुध बोधायन गोस्वामी महाराज
18-September-2020

Srila-Bhakti-Bibudha-Bodhayan-Goswami-Maharaj-Quote-17-September-2020
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We should not indulge in temporary worldly fruitive and charitable activities for appreciation, distinction, sense gratification, and liberation (moksha). As Gaudiya Vaishnavas, we have to give up all material attachments and fix our mind in the transcendental, eternal, loving service of the Divine Couple Sri Sri Radha Krishna through chanting of the Hare Krishna Mahamantra. This is real spirituality.

Srila Bhakti Bibudha Bodhayan Goswami Maharaj
17-September-2020

Srila-Bhakti-Bibudha-Bodhayan-Goswami-Maharaj-Quote-17-September-2020-Hindi
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हमें प्रशंसा, प्रतिष्ठा, इन्द्रिय तृप्ति और मोक्ष को प्राप्त करने के लिए अस्थायी भौतिक और परोपकारी कार्यों में लिप्त नहीं होना चाहिए| गौड़ीय वैष्णवों के रूप में, हमें हरे कृष्ण महामंत्र के जप द्वारा सभी भौतिक आसक्तियों को त्याग कर अपने मन को, दिव्य युगल जोड़ी श्री श्री राधा कृष्ण की उत्कृष्ट, नित्य, प्रेममयी सेवा में केन्द्रित कर देना चाहिए| यही वास्तविक अध्यात्म है|

श्रील भक्ति विबुध बोधायन गोस्वामी महाराज
17-September-2020

 

Srila-Bhakti-Bibudha-Bodhayan-Goswami-Maharaj-Quote-16-September-2020
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In this entire creation there is nothing like the Hare Krishna Mahamantra, which is non-different from the Supreme Lord Sri Krishna and has all potency as Sri Krishna Himself. In this Iron Age (Kali-Yuga) there is no other means of deliverance from this miserable mundane world, other than the chanting of the Hare Krishna Mahamantra.

Srila Bhakti Bibudha Bodhayan Goswami Maharaj
16-September-2020

Srila-Bhakti-Bibudha-Bodhayan-Goswami-Maharaj-Quote-16-September-2020-Hindi
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हरे कृष्ण महामंत्र, जो कि भगवान् श्रीकृष्ण से अभिन्न है और जिसमें श्रीकृष्ण की समस्त शक्तियां व्याप्त हैं, के समान इस संपूर्ण सृष्टि में और कुछ भी नहीं है| कलयुग में, इस अधम भौतिक जगत से मुक्ति पाने का, हरे कृष्ण महामंत्र के जप के अलावा अन्य कोई साधन नहीं है|

श्रील भक्ति विबुध बोधायन गोस्वामी महाराज
16-September-2020

Srila-Bhakti-Bibudha-Bodhayan-Goswami-Maharaj-Quotes-16-20-Sep-2020
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